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Dharmic Traditions

श्रावण का तीसरा सोमवार 2026: तिथि, पूजा समय और संपूर्ण विधि

14 अगस्त 2026

श्रावण का तीसरा सोमवार 2026

लेखक: Veda Sankalp | वैदिक अनुष्ठान एवं पूजा बुकिंग

श्रावण का तीसरा सोमवार 2026 सोमवार, 17 अगस्त को पड़ रहा है — उत्तर भारतीय पंचांग का पालन करने वाले भक्तों के लिए पवित्र श्रावण माह का अगला शिव सोमवार। दिलचस्प बात यह है कि यही तिथि दक्षिण और पश्चिम भारत के लिए वर्ष का बिल्कुल पहला श्रावण सोमवार भी है, क्योंकि वहां श्रावण माह बाद में शुरू होता है। यदि आप इस सोमवार व्रत को रखने की योजना बना रहे हैं, तो यह गाइड आपको हर ज़रूरी जानकारी देती है — सटीक पूजा समय, व्रत नियम, मंत्र, और पालन करने योग्य सही विधि।

श्रावण 2026 में यह कौन सा सोमवार है?

उत्तर भारत में श्रावण 2026, 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलता है, और इसके चार सोमवार 3, 10, 17, और 24 अगस्त को पड़ते हैं। 17 अगस्त इन चार श्रावण सोमवारों में से तीसरा है, जो सावन शिवरात्रि के ठीक एक सप्ताह बाद आता है और माह के सोमवार व्रत चक्र के मध्यबिंदु को चिह्नित करता है।

दक्षिण और पश्चिम भारत के लिए, जहां श्रावण अमांत पंचांग का पालन करता है और 13 अगस्त से 11 सितंबर तक चलता है, 17 अगस्त उनका भी वर्ष का बिल्कुल पहला श्रावण सोमवार है — जिससे यह विशेष सोमवार वह दुर्लभ दिन बन जाता है जब लगभग पूरा भारत एक साथ श्रावण सोमवार मना रहा होता है, भले ही वे इसे अलग-अलग तरीके से गिन रहे हों।

17 अगस्त 2026 के लिए पूजा समय

श्रावण सोमवार व्रत के लिए कोई एक निश्चित मुहूर्त आवश्यक नहीं है — भक्त दिन में किसी भी समय पूजा कर सकते हैं — लेकिन कुछ समय विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त (भोर से पहले): लगभग सुबह 4:35 बजे से 5:20 बजे तक, दिन के संकल्प और सुबह के जलाभिषेक के लिए आदर्श
  • सुबह पूजा समय: सूर्योदय से लगभग सुबह 10:00 बजे तक, घर पर पूजा के लिए सबसे आम रूप से पालन किया जाने वाला समय
  • प्रदोष काल (संध्या): सूर्यास्त से लगभग एक घंटा पहले और बाद में, पूजा और आरती के दूसरे दौर के लिए शक्तिशाली समय माना जाता है

चूंकि सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार थोड़ा भिन्न होता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग से सटीक समय की पुष्टि करना उचित है।

इस श्रावण सोमवार के लिए पूजा विधि

श्रावण के तीसरे सोमवार 2026 को सही ढंग से कैसे मनाएं:

चरण 1: सुबह जल्दी उठें और संकल्प लें

सूर्योदय से पहले स्नान करें और शिवलिंग या भगवान शिव के चित्र के सामने बैठें, दिन का व्रत और पूजा श्रद्धापूर्वक करने का संकल्प लें।

चरण 2: जलाभिषेक करें

"ॐ नमः शिवाय" का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल — या यदि उपलब्ध हो तो दूध — की निरंतर धारा अर्पित करें।

चरण 3: बेलपत्र और श्वेत फूल अर्पित करें

बेलपत्र, श्वेत फूल, और अक्षत के साथ शिवलिंग पर थोड़ी मात्रा में चंदन का लेप अर्पित करें।

चरण 4: मंत्रों का जाप करें

"ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का रुद्राक्ष माला से 108 बार जाप करें, आदर्श रूप से सुबह या प्रदोष काल के समय।

चरण 5: व्रत कथा पढ़ें या सुनें

इस व्रत की कहानी और महत्व को समझने के लिए श्रावण सोमवार व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।

चरण 6: संध्या आरती करें और व्रत खोलें

प्रदोष काल के दौरान आरती के साथ समापन करें, और उसके बाद फल, साबूदाना, या हल्के सात्विक भोजन से व्रत खोलें — कभी भी सीधे अनाज या अधिक नमक वाले भोजन से नहीं।

17 अगस्त के लिए व्रत दिशानिर्देश

  • केवल सात्विक, फल-आधारित भोजन लें; अनाज, प्याज और लहसुन से पूरी तरह परहेज करें
  • यदि आंशिक व्रत रख रहे हैं तो सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करें
  • परंपरागत मान्यता के अनुसार व्रत के दिन बाल या नाखून न काटें
  • शांत वाणी बनाए रखें और वाद-विवाद से बचें — व्रत जितना शारीरिक है उतना ही मानसिक अनुशासन भी है

Veda Sankalp के साथ इस श्रावण सोमवार के लिए पूजा सहायता बुक करें

यदि आप 17 अगस्त को अपनी पूजा के लिए मार्गदर्शित सहयोग चाहते हैं, तो Veda Sankalp आपको सत्यापित, अनुभवी पंडितों से जोड़ता है:

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Que: 2026 में श्रावण के तीसरे सोमवार की तिथि क्या है?

श्रावण का तीसरा सोमवार 2026 उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पड़ता है।

Que: दक्षिण भारत भी इसी तिथि पर श्रावण सोमवार क्यों मनाता है?

दक्षिण और पश्चिम भारत अमांत पंचांग का पालन करते हैं, जहां श्रावण 13 अगस्त से शुरू होता है, जिससे 17 अगस्त उनका पहला श्रावण सोमवार बन जाता है, भले ही उत्तर भारत इसे तीसरा गिनता हो।

Que: क्या श्रावण सोमवार पूजा के लिए कोई निश्चित मुहूर्त है?

कोई एक निश्चित मुहूर्त आवश्यक नहीं है — भक्त दिन में किसी भी समय पूजा कर सकते हैं, हालांकि ब्रह्म मुहूर्त, सुबह का समय, और प्रदोष काल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।

Que: ऑनलाइन इस श्रावण सोमवार के लिए पूजा सहायता कैसे बुक करें?

Veda Sankalp सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और सोमवार व्रत मार्गदर्शन की आसान ऑनलाइन बुकिंग प्रदान करता है। आज ही vedasankalp.com पर जाएं।

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